देश के एक गुब्बारे में जोरदार हवा भरी जा रही है।
चुनाव के पहले गुब्बारा नहीं फूटा
तो शायद ५ साल फटा हुआ गुब्बारा देख के रोना पड़ेगा :)
चुनाव के पहले गुब्बारा नहीं फूटा
तो शायद ५ साल फटा हुआ गुब्बारा देख के रोना पड़ेगा :)
तो जिंदा हो तुम ...!!
दिलो मे तुम अपनी बेताबिया लेके चल रहे हो..... तो जिंदा हो तुम ..!
नजर मे ख्वाबो कि बिजलीया लेके चल रहे हो... तो जिंदा हो तुम ..!
हवा के झोको के जैसे आझाद रहना सिखो ...
तुम एक दरिया के जैसे लेहरो मे बहना सिखो
हर एक लम्हे से तुम मिलो खोले अपनी बाहे
हर एक पल एक नया समा देखो,दिखाऑ
जो अपनी आंखो मे हैरानिया लेके चल रहे हो... तो जिंदा हो तुम ..!
दिलो मे तुम अपनी बेताबिया लेके चल रहे हो..... तो जिंदा हो तुम ..!